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गगनयान- जनवरी के तीसरे हफ्ते में 11 माह के प्रशिक्षण पर रूस जाएँगे अंतरिक्ष यात्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को आधिकारिक बयान में बताया, “गगनयान अभियान के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों के चयन के बाद उन्हें प्रशिक्षण के लिए इस महीने के तीसरे सप्ताह में रूस भेजा जाएगा, जहाँ वे 11 महीने का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जितेंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा, “रूस में 11 महीने के प्रशिक्षण के बाद अंतरिक्ष यात्री भारत में मॉड्यूल-विशिष्ट प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इसमें इसरो द्वारा डिजाइन मॉड्यूल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें इसे संचालित करना और इसके साथ काम करना सिखाया जाएगा।”

10 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले गगनयान अभियान को 2022 में देश की आजादी की 75वीं सालगिरह पूरी होने के मौके पर प्रक्षेपित किया जाएगा। इससे पूर्व, इसरो प्रमुख के सिवन ने जानकारी दी थी कि चार अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया गया है और उनका प्रशिक्षण जनवरी के तीसरे सप्ताह से रूस में शुरू होगा।

2022 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की परिकल्पना करने वाले मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम के लिए सितंबर 2019 के पहले सप्ताह में 12 टेस्ट पायलटों को चुना था, जिन्होंने लेवल-1 स्क्रीनिंग को पास किया था।

पहले दौर की स्क्रीनिंग के बाद 60 आवेदकों में से 12 उम्मीदवारों का चयन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन (IAM) द्वारा किया गया था। इनमें से अंतिम चार अंतरिक्ष यात्रियों को ग्लेवकोसमोस-रोस्कोस्मोस स्टेट कॉरपोरेशन (रूस की अंतरिक्ष एजेंसी) की सहायक है के द्वारा अन्य दौर की स्क्रीनिंग के बाद चुना गया।

जुलाई 2019 में ग्लेवकोसमोस और इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी) ने एक समझौता किया था। इसके तहत गगनयान अंतरिक्ष यात्रियों को रूसी एजेंसी प्रशिक्षण देगी।