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चीनी सेना को खुफिया जानकारी देने वाली हुआवे, टिकटॉक समेत चार कंपनियाँ चिह्नित

भारत ने हुआवे सहित करीब चार चीनी कंपनियों की पहचान की है, जिनका पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) से संबंध है। साथ ही वे उन्हें महत्वपूर्ण खुफिया जानकारियाँ भी साझा करते हैं।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 चीनी खुफिया कानून सरकारी अधिकारियों को संदिग्धों पर छापेमारी करने का अधिकार देता है, जबकि हुआवे, जेडटीई और टिकटॉक जैसी कंपनियाँ उनके लिए खुफिया जानकारियाँ देती हैं। कंपनियों को कथित तौर पर जानकारी साझा करने और चीनी खुफिया एजेंसियों के साथ सहयोग करने के लिए बाध्य किया जाता है, चाहे वे जहाँ से भी संचालित हों।

कानून के अनुच्छेद 7 के मुताबिक, कोई भी संगठन या नागरिक कानून के अनुसार राज्य के खुफिया कार्यों का समर्थन, सहायता और सहयोग करेगा। राज्य उन व्यक्तियों और संगठनों की रक्षा करता है, जो कानून और राष्ट्रीय खुफिया कार्यों में सहयोग करते हैं।

पहचानी गईं चार कंपनियों में शीइंडिया स्टील, शिनजिंग कैथे इंटरनैशनल ग्रुप, चाइना इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप कॉरपोरेशन (सीईटीसी) और हुआवे हैं। भारतीय सरकार द्वारा 59 चीन-आधारित ऐप पर प्रतिबंध लगाने के कुछ हफ्तों बाद यह बात सामने आई है, जो देश की सुरक्षा और डाटा के लिए खतरा हो सकती हैं।

शीइंडिया स्टील्स भारत और चीन के बीच एक संयुक्त उद्यम है और हाल ही में उसने कर्नाटक में एक लौह अयस्क पेलेटिसाइज़ेशन इकाई की स्थापना की है। शिनजिंग कैथे इंटरनैशनल ग्रुप शीइंडिया स्टील्स में मुख्य शेयरधारक है, जिनका छत्तीसगढ़ में अपना विनिर्माण संयंत्र है।