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राजीव गांधी सरकार से इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ खान केरल के राज्यपाल नियुक्त

राजीव गांधी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और जाने माने विद्वान आरिफ मोहम्मद खान को आज (1 सितंबर) केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। खान वीपी सिंह के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार में भी नागरिक उड्डयन और ऊर्जा मंत्री का पदभार संभाल चुके हैं। वे भाजपा के सदस्य भी रहे चुके हैं।

1986 में राजीव गांधी सरकार में राज्य मंत्री रहते हुए खान ने चर्चित शाह-बानो मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को पलटने के विरोध में राजीव गांधी सरकार से इस्तीफा दे दिया था। तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को विभिन्न इस्लामिक मौलवियों द्वारा मुखर विरोध के बाद संसद में विधेयक पारित कर पलट दिया था, जिसमें कहा गया था कि मुस्लिम महिलाओं को छोड़ने की स्थिति में उसका पति भरन-पोषण का खर्च देगा।

खान देश में विभिन्न मौलवियों द्वारा फैलाए गए इस्लामी कट्टरवाद के एक प्रसिद्ध आलोचक हैं और मुस्लिम समुदाय, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों के समर्थक रहे हैं। वे मोदी सरकार के तीन तलाक कानून के सबसे बड़े समर्थकों में से एक थे। उन्होंने देश में बढ़ते असहिष्णुता और अल्पसंख्यक अधिकारों के खतरे को लेकर भारतीय बौद्धिक चक्र के एक हिस्से द्वारा फैलाए गए भय को खारिज कर दिया था।