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भारत के पहले लोकपाल बने सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीसी घोष

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पिनाकी चंद्र घोष को देश के पहले लोकपाल के रूप में नियुक्त किया है। वर्तमान में न्यायाधीश घोष राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य हैं। इससे पहले उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपनी सेवाएँ दी थीं।

इसके अलावा लोकपाल के अन्य सदस्य भी नियुक्त हुए हैं। न्यायिक सदस्य हैं- न्यायाधीश दिलीप बी भोंसले, प्रदीप कुमार मोगमती, अभिलाषा कुमारी व अजय कुमार त्रिपाठी। न्यायिक सदस्यों के अलावा दिनेश कुमार जैन, अर्चना रामसुंदरम, महेंदर सिंह और इंद्रजीत प्रसाद गौतम को भी सदस्यों के रूप में नियुक्त किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में चयन समिति ने इस पद के लिए सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश पीसी घोष का नाम सुझाया था। भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने के लिए लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 में संसद में पारित हुआ था।

लोकपाल के कार्यक्षेत्र में सभी जनसेवक आएँगे, यहाँ तक कि प्रधानमंत्री भी। गैर-सरकारी संस्थाओं को 10 लाख रुपये से अधिक मिलने वाले विदेशी दान पर भी लोकपाल की नज़र होगी।