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निष्पक्ष चुनाव कराने पर तृणमूल से मतभेद रखने वाली आईपीएस भारती भाजपा में

सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी भारती घोष जो पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाती थीं सोमवार (4 फरवरी) को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और भाजपा नेता मुकुल रॉय व कैलाश विजयवर्गीय की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में सम्मिलित हो गईं।

सबंग उप-चुनावों के बाद से उनका ममता से संबंध-विच्छेद हो गया। भाजपा उम्मीदवार को 20 प्रतिशत से अधिक मत मिले थे और भारती पर स्थानीय टीएमसी नेताओं ने मुकुल रॉय की आगया पर ‘निष्पक्ष’ चुनाव आयोजित कराने का आरोप लगाया था। हालाँकि तृणमूल बड़े अंतर से चुनाव जीती व भाजपा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ लेकिन वोट शेयर में 17 प्रतिशत की वृद्धि ने तीखे आरोपों को बल दिया।

भाजपा में सम्मिलित होन के बाद भारती ने राजीव कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पुलिस प्रमुख एक राजनेता के साथ धरने पर कैसे बैठ सकता है। “इससे स्पष्ट होता है कि वे पक्षपातपूर्ण हैं व किसी विशेष राजनीतिक दल के हित में कार्य कर रहे हैं।”

ममता बमर्जी के सत्याग्रह पर वार करते हुए उन्होंने कहा, “ममता को तब धरने पर बैठना चाहिए था जब हज़ारों लोगों ने पोंज़ी घोटाले में पैसा गँवाकर आत्महत्या की थी। औज वे एक पुलिस कमिशनर की रक्षा के लिए यह कर रही हैं। यह सत्याग्रह नहीं बल्कि सीबीआई जाँच को रोकने का राजनीतिक हथकंडा है।”

पश्चिम मिदनापुर जिले के दासपुर पुलिस थाने में भारती पर रंगदारी का मामला दर्ज है जिसके बाद उन्होंने त्यगपत्र दिया था। उनके पति एमएवी राजु पर भी रंगदारी व नोटबंदी के समय पुराने नोटों के बदले में सोना लेने का मामला दर्ज है।