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तबलीगी गतिविधियों में सम्मिलित विदेशी नागरिकों का निर्वासन अभी न हो- केंद्र

केंद्र ने गुरुवार (2 जुलाई) को सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया कि पर्यटन वीज़ा पर आए तबलीगी गतिविधियों में सम्मिलित विदेशी नागरिकों को तत्काल वापस न भेजने के लिए गृह सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है।

अपने शपथ-पत्र में केंद्र ने कहा, “वीज़ा शर्तों के उल्लंघन के अलावा तबलीगी गतिविधियों में सम्मिलित होने वाले विदेशी नागरिकों ने कोविड-19 के सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के बीच कई लोगों के लिए प्राणों का खतरा खड़ा किया इसलिए उनपर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।”

केंद्र ने कहा कि याचक अपने देश वापस लौटने के किसी मौलिक अधिकार का दावा ये विदेशी नागरिक नहीं कर सकते हैं। क्वारन्टाइन अवधि के समाप्त होने पर केंद्र ने राज्यों से विदेशी नागरिकों को वापस न भेजने का निवेदन इसलिए किया है ताकि उन्हें उपयुक्त दंड दिया जा सके।

न्यायाधीश एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना की पीठ 10 जुलाई को पुनः मामले की सुनवाई करेगी, तब तक याचिकाकर्ता प्रत्युत्तर में शपथ-पत्र दायर कर सकते हैं। 2,765 विदेशी नागरिकों को काली सूची में डाला गया है व 205 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

(आईएएनएस की सहायता से)