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भारतीय कर्मचारियों को प्रताड़ित करने पर विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को फटकारा

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार (16 जून) को पाकिस्तानी उच्चायोग के उप-उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को बुलाया और इस्लामाबाद में दो भारतीय कर्मचारियों को प्रताड़ित करने पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए फटकार लगाई। हालाँकि, दोनों कर्मचारी अब भारतीय दूतावास लौट आए हैं।

ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारी ड्राइवर के रूप में काम करते हैं। उन्हें कई घंटों के लिए हिरासत में रखा गया। कथित तौर पर उनकी पिटाई की गई और उन्हें एक हिट एंड रन मामले में शामिल होने की बात स्वीकारने के लिए मजबूर किया गया।

रिपोर्टों में कहा गया कि उन्हें 15 से 16 सशस्त्र व्यक्तियों ने उठाया था। वे उनके हाथों में हथकड़ी डालकर एक अज्ञात स्थान पर ले गए। इसके बाद उन्हें पूछताछ के नाम पर मारा-पीटा। उन्हें गंदा पानी पीने के लिए मजबूर किया। वे उनसे कुबूलवाना चाहते थे कि उन्होंने एक सड़क दुर्घटना को अंजाम दिया था।

उन्होंने कर्मचारियों पर यह भी स्वीकारने के लिए दबाव बनाया कि वो अपनी गाड़ियों से अपने यहाँ के खुफिया विभाग के अधिकारियों को उच्चाधिकारियों के साथ बैठक के लिए चोरी-छिपे लाने की कोशिश करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि वे उच्चायोग के निचले कर्मचारियों से इस बाबत पूछताछ कर रहे थे।

इस दौरान उन्हें बार-बार धमकी दी गई कि ऐसा उच्च आयोग के अन्य सदस्यों के साथ भी भविष्य में किया जाएगा। सोमवार को सुबह नौ बजे के करीब उन्हें भारतीय उच्चायोग को वापस सौंप दिया गया। उन्होंने अपनी गर्दन, चेहरे, जाँघों और पीछे की तरफ चोट के निशान दिखाए।

इससे पूर्व, विदेश मंत्रालय ने सैयद हैदर शाह को तलब किया था। उन्हें यह स्पष्ट कर दिया था कि भारतीय कर्मचारियों से कोई पूछताछ या उनका उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।