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उत्तर प्रदेश के बाद अब केंद्र सरकार देशभर में देगी ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ को बढ़ावा

उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना की तर्ज पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री देशभर में इस योजना को बढ़ावा देने के लिए एक संस्थागत तंत्र लाने वाले हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्रालय का लक्ष्य गाँवों की आर्थिक क्षमता का पता लगाना और हर जिले में एक उत्पाद की पहचान करना है।

पीयूष गोयल के नेतृत्व वाले मंत्रालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उद्योग मंत्रियों के साथ एक बैठक निर्धारित की है।

करीब दो वर्ष पहले यूपी सरकार द्वारा शुरू की गई ओडीओपी योजना में राज्य के प्रमुख सचिव (एमएसएमई और निर्यात संवर्धन) नवनीत सहगल के अनुसार, इसने उत्तर प्रदेश को लगभग 30 प्रतिशत तक निर्यात बढ़ाने में मदद की है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी यूपी के उद्योग मंत्री सतीश महाना को पत्र लिखा है कि श्रम, भूमि और प्राकृतिक संसाधनों के मामले में देश के ग्रामीण हिस्सों में उच्च क्षमता है, जो विनिर्माण उद्योग में मूल निवेश है।

पत्र में लिखा है कि ग्रामीण भारत की वास्तविक आर्थिक क्षमता का अहसास करने और उसे प्रधानमंत्री के आत्मानिर्भर भारत के लिए संरेखित करने को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की मदद से ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ को देश में एक आंदोलन के रूप में प्रचारित करने के लिए एक संस्थागत तंत्र लाने की प्रक्रिया में हैं।”

पत्र में आगे कहा गया कि इसका उद्देश्य जिले और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की क्षमता और शक्ति के आधार पर प्रति जिले के एक उत्पाद की पहचान करना है। फिर जिले में उस उत्पाद के लिए क्लस्टर विकसित करना हो, जो गुणवत्ता, मापनीयता और एक ब्रांड के साथ विश्वस्तरीय उत्पाद तैयार करने में सक्षम हो। साथ ही बाजार से एक रिश्ता भी बनाकर रखे।