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जैक मा के अलीबाबा और एंट समूह के राष्ट्रीयकरण पर विचार कर रही जिनपिंग सरकार

चीन के शासन और देश द्वारा संचालित बैंकों की आलोचना के बाद चीनी अरबपति जैक मा के रहस्यमय ढंग से गायब होने के बीच अब शी जिनपिंग सरकार उनके अलीबाबा और एंट समूह के राष्ट्रीयकरण पर विचार कर रही है।

अलीबाबा ग्रुप के संस्थापक, जिनकी कंपनी की कीमत 60 अरब डॉलर है, को चीनी बाज़ार ‘गरीबों का शोषण करने वाले पिशाच’ के रूप में मानते हैं।

नवंबर 2020 में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया था, “चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एंट समूह की 37 अरब डॉलर के आईपीओ को व्यक्तिगत रूप से रद्द कर दिया था।”

जैक मा के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने देश के वित्तीय निगरानी, नियामक परिदृश्य और देश के स्वामित्व वाले बैंकों पर सार्वजनिक हमला किया था, जिसके बाद से उन पर बदले की कार्रवाई की जा रही है।

24 अक्टूबर 2020 को शंघाई में आयोजित बंड समिट में एक संबोधन के दौरान जैक मा ने कारोबार में नवाचार को दबाने वाली विनियामक प्रणाली की आलोचना की थी। कहा जाता है कि उनके इस भाषण की वजह से चीनी नेतृत्व क्रोधित हो गया था। इसके बाद एंट ग्रुप के आईपीओ की लिस्टिंग को निलंबित कर दिया गया था।

विनियामक बाधाओं पर मा के तीखे हमले के तुरंत बाद देश के नियामकों ने रिपोर्ट एकत्रित करनी शुरू कर दीं कि कैसे एंट समूह ने गरीबों और युवाओं को ऋण के लिए प्रोत्साहित करने को वर्चुअल क्रेडिट कार्ड सेवा हुबेई जैसे डिजिटल वित्तीय उत्पादों का उपयोग किया था।