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इमरान खान के भड़काऊ भाषण पर भारत बोला, “आतंक की फैक्ट्री चलाने वाले हमें नसीहत न दें”

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के भड़काऊ भाषण को लेकर करारा जवाब दिया है। भारत की ओर से विदेश मंत्रालय की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने कहा, “इमरान खान ने परमाणु हमले की बातें करके खुद को राजनीतिज्ञ के तौर पर नहीं बल्कि अस्थिर नेता के तौर पर दर्शाया है। उन्होंने नफरत से भरा भाषण दिया है।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने अपने भाषण में कश्मीर के हालत देखकर दुनियाभर के 130 करोड़ मुसलमानों के चरमपंथी हो जाने, खुद के बंदूक उठा लेने, नस्लीय संहार, रक्तपात, आखिर तक लड़ेंगे जैसी भारत के खिलाफ अंतर-राष्ट्रीय मंच पर भड़काऊ बातें कीं।

इस पर प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने कहा, “दुनिया में पाकिस्तान अकेला देश है, जो आतंकियों को पनाह देता है। वह मानता है कि 130 आतंकियों का पनाहगाह है, जिसमें 25 यूएन की ओर से घोषित आतंकी हैं? वह ये बता सकता है कि अलकायदा और आतंकियों को क्यों पेंशन देता है? इमरान खान इस बात को मानेंगे कि पाकिस्तान ओसामा बिन लादेन को बचाने वाला देश था? ”

उन्होंने कहा, “लोगों को पाकिस्तान जाकर हाल देखना चाहिए, जहाँ सिर्फ आतंकवाद चरम पर है। वह सिर्फ आतंकवाद पर जोर देता है और भारत विकास पर। भारतीयों को आतंकवाद की फैक्ट्री चलाने वाले देश से नसीहत लेने की जरूरत नहीं है। वह पहले खुद के गिरेबां में झांके। फिर दूसरों की बात करें। ”

उन्होंने इमरान खान को इतिहास याद दिलाते हुए कहा, “उनको यह नहीं भूलना चाहिए कि 1971 में पाकिस्तान ने अपने ही लोगों पर अत्याचार किए थे। इसी वजह से बांग्लादेश की स्थापना हुई थी। यह ऐसा देश है, जहाँ अल्पसंख्यक समुदाय 1947 में 23 प्रतिशत से सिकुड़कर 3 प्रतिशत रह गया है।”