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भारतीय वायुसेना हुई और मजबूत, 22 में से पहला अपाचे गार्जियन हेलिकॉप्टर मिला

भारतीय वायुसेना को अमेरिका के एरिजोना स्थित बोइंग के उत्पादन प्रतिष्ठान में औपचारिक रूप से पहला अपाचे गार्जियन हेलिकॉप्टर सौंपा गया। भारत ने अमेरिका के साथ ऐसे 22 हेलिकॉप्टरों के लिए अनुबंध किया था।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) ने 2015 में 22एएच-64ई (आई) अपाचे गार्जियन हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए 1.1 बिलियन डॉलर की राशि का अनुबंध किया था। भारतीय वायुसेना के चुनिंदा पायलटों ने फोर्ट रकर में अमेरिकी सैन्य अड्डे के प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों में हेलिकॉप्टर चलाने और हमला करने का प्रशिक्षण ले लिया है।

इसे विशेष रूप से भारतीय वायुसेना की आवश्यकताओं को पूरा करने लिए सबसे अनुकूल बताया गया है। इसमें पहाड़ी इलाकों में विशेष क्षमता के साथ उड़ान भरने की काबिलियत है।

माना जाता है कि यह दुनिया का सबसे उन्नत मल्टी-रोल लड़ाकू हेलिकॉप्टर है। हमारे भारतीय वायुसेना में अब तक का यह पहला हमला करने वाला हेलिकॉप्टर है। ये भारतीय वायुसेना की आक्रामक क्षमताओं को बढ़ाएगा।

बताया जाता है कि अपाचे हर तरह की परिस्थिति और मौसम में उड़ान भरने और हमला करने के लिए उपयुक्त है। इसमें दो जनरल इलेक्ट्रिक टी-700 टर्बोशैफ्ट इंजन लगे हैं। इसमें आगे की तरफ सेंसर भी लगा है, जो इसकी रात की उड़ान को आसान बनाता है। यह 365 किमी. प्रति घँटा की रफ्तार से उड़ान भरता है। तेज गति के कारण यह आसानी से दुश्मनों पर वार करके भाग सकता है।