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बिहार से जीआई प्रमाणित शाही लीची की पहली खेप हवाई मार्ग से यूके निर्यात की गई

जीआई प्रमाणित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बिहार से शाही लीची के मौसम की पहली खेप सोमवार (24 मई) को हवाई मार्ग से यूनाइटेड किंगडम (यूके) निर्यात की गई।

इसके निर्यात के लिए पादप स्वच्छता प्रमाण पटना में एक नई स्थापित प्रमाणन सुविधा से जारी किया गया था। यह फल सीरा एंटरप्राइज़ेज़ द्वारा निर्यात किया जा रहा है और बिहार के मुज़फ्फरपुर में किसानों से प्राप्त किया जा रहा है।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) ने शाही लीची के निर्यात को सुविधाजनक बनाने के लिए कृषि विभाग, बिहार के साथ किसानों, निर्यातकों और आयातकों जैसे अन्य हितधारकों के साथ सहभागिता स्थापित की।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा, “लीची के बहुत कम समय में खराब होने की वजह से संसाधित और मूल्य वर्धित उत्पादों के निर्यात के अवसरों का पता लगाने की ज़रूरत है।”

जरदालू आम, कतरनी चावल और मगही पान के बाद 2018 में बिहार से जीआई प्रमाणन प्राप्त करने वाली शाही लीची चौथा कृषि उत्पाद था। शाही लीची के लिए जीआई पंजीकरण मुजफ्फरपुर स्थित लीची ग्रोअर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के साथ होता है।

मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, चंपारण, बेगूसराय जिलों और बिहार के आसपास के क्षेत्रों में शाही लीची उगाने के लिए सबसे अनुकूल जलवायु है। चीन के बाद भारत दुनिया में लीची (लीची चिन) का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।