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सिख समुदाय का पहला समूह अफगानिस्तान में शोषण से बचने के लिए भारत आया

एक प्रमुख विकास में अफगानिस्तान के सिख समुदाय के 11 सदस्य, जिन्हें काबुल में भारतीय दूतावास द्वारा अल्पकालिक वीज़ा दिया गया था, रविवार (26 जुलाई) को वे सभी नई दिल्ली पहुँच गए।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले प्रतिनिधिमंडल में निदान सिंह सचदेवा भी शामिल हैं, जिनका पिछले महीने अफगानिस्तान के पक्तिया प्रांत के एक गुरुद्वारे से अपहरण कर लिया गया था।

अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने अफगानिस्तान के 700 सिखों और हिंदुओं के दीर्घकालिक वीज़ा को अनुमति देने के लिए हाल ही में घोषणा की थी। उसके बाद से आने वाले उत्पीड़ित अफगानी अल्पसंख्यकों का यह पहला बैच है।

रिपोर्ट के अनुसार, 25 मार्च को काबुल के एक गुरुद्वारा में चल रही एक धार्मिक सभा में हुए आतंकवादी हमले के बाद 600 सिखों ने भारत में दीर्घकालिक वीज़ा के लिए आवेदन किया था। उस हमले में 25 से अधिक सिख पुरुष, महिलाएँ और बच्चे मारे गए थे।

अपनी सुरक्षा के डर से सिख समुदाय के कई सदस्य वर्तमान में काबुल गुरुद्वारा में शरण लेना चाहते हैं। हालाँकि, निदान के अपहरण के बाद समुदाय को लगातार निशाना बनाए जाने के बावजूद वे गुरुद्वारे में सेवा करने जा रहे थे। बाद में उन्हें अफगानी बलों द्वारा हक्कानी नेटवर्क से बचाया गया था।