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चुनावी सभा में कोविड दिशानिर्देश उल्लंघन पर मध्य प्रदेश के नेताओं पर प्राथमिकी दर्ज

उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर के विरुद्ध बुधवार (21 अक्टूबर) को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय का कहना है कि दोनों नेताओं ने कोविड-19 की दिशानिर्देश का उल्लंघन करते हुए चुनावी सभा का आयोजन किया।

एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, उच्च न्यायालय ने अपने चार बिंदु के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा, “राजनीतिक आयोजनों के लिए कोई रैली जुलूस या चुनावी सभा न की जाएँ। इसके लिए वर्चुअल और आधुनिक संचार संसाधनों का उपयोग किया जाए।”

न्यायालय ने साफ कहा, “जहाँ वर्चुअल मीटिंग नहीं की जा सकती है, वहाँ कारण बताते हुए राजनीतिक दल जिला कलेक्टर को मीटिंग के लिए आवेदन सौंपेंगे। कलेक्टर चुनाव आयोग की अनुमति के बाद राजनीतिक दलों को अपने कार्यक्रम करने की सशर्त अनुमति देगा।”

इसके लिए वहाँ मौजूद रहने वाले लोगों के लिए पर्याप्त सामाजिक दूरी, मास्क और सैनिटाइज़र की व्यवस्था भी राजनीतिक दलों को करनी पड़ेगी। इसके लिए जिला प्रशासन के पास दोगुनी राशि के सैनिटाइज़र और मास्क की कीमत जमा करनी होगी।

बता दें कि मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवंबर को उप चुनाव होने जा रहे हैं। इसके लिए भाजपा, कांग्रेस और बसपा लगातार रैलियाँ आयोजित कर रही है। रैलियों में चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हो रहा है।