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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कीं बड़ी घोषणाएँ

देश की अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती को दूर करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार शाम को कई कदम उठाने की घोषणा की। उन्होंने ऑटोमोबाइल सहित कई अन्य उद्योगों की बिगड़ती हालत को देखते हुए यह निर्णय लिया।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्री ने कहा, “हमारी विकास दर दूसरों से बेहतर है। अमेरिका और जर्मनी की विकास दर में मंदी देखने को मिल रही है। अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है।”

ये कदम उठाए

  • घर, वाहन खरीदने पर और ज्यादा क्रेडिट सपोर्ट मिलेगा। बचा जीएसटी रिफंड 30 दिन में वापस होगा।
  • अब एमएसएमई की केवल एक परिभाषा होगी, इसके जरिए कंपनियाँ अपने काम आसानी से कर सकती हैं। इसे जल्द कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
  • लोन खत्म होने के बाद सिक्यॉरिटी के दस्तावेज बैंकों को 15 दिन में देने होंगे। लोन आवेदन की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी।
  • लॉन्ग, शॉर्ट टर्म कैपिटेल गेन सरचार्ज वापस लिया जाएगा। टैक्स उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगेगी।
  • सरकारी बैंकों के लिए 70 हजार करोड़ रुपये जारी किए जाएँगे। जीएसटी की प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी।
  • इनकम टैक्स रिटर्न भरना आसान हुआ है। आगे जीएसटी को और आसान बनाया जाएगा।
  • मार्च 2020 तक खरीदे गए बीएस-4 मानक वाले वाहन मान्य होंगे।
  • स्टार्टअप्स और उनके निवेशकों की दिक्कतों को दूर करने के लिए एंजल कर के प्रावधान को वापस लेने का निर्णय किया गया।
  • इक्विटी शेयरों के हस्तांतरण से होने वाले दीर्घावधि और लघु अवधि के पूंजीगत लाभ पर अधिभार को वापस ले लिया गया है।
  • ज्यादा अमीरों पर बढ़ाए गए सरचार्ज को वापस लेने का फैसला लिया है। इससे एफपीआई और घरेलू निवेशकों को राहत मिलेगी और पूंजी बाजार में आई सुस्ती दूर होगी।