समाचार
वित्त मंत्री ने की कॉरपोरेट करों की दर में कटौती, सेंसेक्स 1600 अंकों तक उछला

जीएसटी परिषद की बैठक से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार (20 सितंबर) को कंपनियों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने घरेलू कंपनियों और नई घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दरों में कटौती का प्रस्ताव रखा। इसके बाद शेयर बाज़ार में रौनक देखने को मिली और सेंसेक्स 1600 अंकों तक उछल गया।

नवभारत टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्री ने नई घरेलू कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर घटाकर 22 प्रतिशत कर दी। ऐसे में शर्त है कि कंपनी ने कोई इन्सेंटिव या छूट न ली हो।

घरेलू कंपनियों को बिना किसी छूट के आयकर 22 प्रतिशत देना होगा और सरचार्ज व सेस जोड़कर 25.17 प्रतिशत कर प्रभावी होगा। पूर्व में यह दर 30 प्रतिशत थी। वित्त मंत्री ने कहा, “इससे सरकार पर 1.45 लाख करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।”

मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए एक और नियम जोड़ा गया है। वित्त वर्ष 2019-20 में एक अक्टूबर के बाद से बनी घरेलू कंपनी अगर मैन्युफैक्चरिंग करेगी तो उसे 15 प्रतिशत की दर से आयकर देना होगा। अगर घरेलू कंपनियाँ 31 मार्च 2023 से पहले उत्पादन शुरू करती हैं तो उनके लिए भी यही समान दर होगी। साथ ही सभी तरह के करों समेत 17.10 प्रतिशत आयकर देना होगा।

निर्मला सीतारमण ने कहा, “5 जुलाई 2019 से पहले शेयरों के बायबैक का ऐलान करने वाली कंपनियों पर सुपर रिच टैक्स नहीं लगेगा। बजट में बढ़ा सरचार्ज कंपनी में शेयरों की बिक्री और इक्विटी फंड यूनिट बिक्री से होने वाले कैपिटल गेन्स पर प्रभावी नहीं होगा। इसमें एफपीआईएस के डेरिवेटिव्स भी शामिल हैं।”

इन्सेंटिव और छूट ले रहीं कंपनियों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “इनको मिनिमम ऑल्टरनेट टैक्स (मैट) में छूट दी जा रही है। मैट को 18.5 से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।”