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संयुक्त किसान मोर्चा को मिला 12 विपक्षी दलों का साथ, 26 मई को करेंगे विरोध प्रदर्शन

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के 40 से अधिक किसान यूनियनों के एक निकाय ने 26 मई को विरोध प्रदर्शन करने और उस दिन को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एसकेएम के आह्वान के बाद केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए हरियाणा के सैकड़ों किसान 23 मई से अपना आंदोलन शुरू करेंगे।

कांग्रेस के नेतृत्व में 12 विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन के छह महीने पूरे होने के अवसर पर 26 मई को देशव्यापी विरोध के लिए संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा दिए गए आह्वान को अपना समर्थन दिया है।

हस्ताक्षर करके समर्थन देने वालों में जनता दल-एस प्रमुख एचडी देवेगौड़ा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन, झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख डी राजा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी के महासचिव सीताराम येचुरी सम्मिलित हैं।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित विपक्षी नेताओं ने 12 मई को संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की थी, ताकि हमारे लाखों अन्नदाता को महामारी का शिकार होने से बचाया जा सके।