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जंतर-मंतर पर किसान संसद के आयोजन की घोषणा, संसद के मॉनसून सत्र तक चलेगा

नए कृषि कानूनों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने घोषणा की है कि वे गुरुवार (22 जुलाई) से प्रतिदिन जंतर-मंतर पर किसान संसद का आयोजन करेंगे। सिंघु सीमा पर आंदोलन की अगुआई कर रहे किसान संगठनों ने यह निर्णय लिया।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, किसान नेताओं ने कहा, “22 जुलाई से प्रतिदिन 200 किसान जंतर-मंतर पर जाएँगे। यह प्रक्रिया संसद के मॉनसून सत्र के समाप्त होने तक जारी रहेगी। हम प्रतिदिन एक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनेंगे।”

26 नवंबर से दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने आगे कहा, “शुरुआत के दो दिनों में एपीएमसी कानून पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद अन्य बिलों पर दो-दो दिन चर्चा के लिए दिए जाएँगे।”

बता दें कि आंदोलनकारियों ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस से भेंट की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे और संसद तक मार्च करेंगे। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 5 बजे तक प्रदर्शन चलेगा। वहीं, 19 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।