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एनआईए ने खालिस्तानी नेता की जाँच मामले में किसान आंदोलन के नेता सिरसा को बुलाया

लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसाइटी (एलबीआईडब्ल्यूएस) के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) नेता के खिलाफ मुकदमा दायर करने के मामले में समन जारी किया। एलबीआईडब्ल्यूएस कृषि कानूनों को लेकर सरकार के साथ चल रही बातचीत में अग्रणी दलों में से एक रहा है।

सिरसा को 17 जनवरी को नई दिल्ली में एनआईए मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है, ताकि पन्नू के खिलाफ मामले में पूछताछ की जा सके। पन्नू पर कथित रूप से भय व अराजकता का माहौल बनाने, लोगों में असंतोष पैदा करने और भारत सरकार के खिलाफ विद्रोह उकसाने की साजिश का आरोप है।

सिरसा का आरोप है कि केंद्र सरकार पहले सर्वोच्च न्यायालय के माध्यम से किसानों के विरोध प्रदर्शन को बेपटरी करने की कोशिश कर रही थी। अब वह एनआईए का सहारा ले रही है। कई समाज सेवियों को एनआईए ने पन्नू के खिलाफ मामले से संबंधित कुछ सवालों के जवाब देने के लिए समन जारी किया है।

एलबीआईडब्ल्यूएस प्रमुख ने कहा, “एनआईए 26 जनवरी को किसान परेड की जाँच करने के लिए दिन-रात काम कर रही है। सरकार इस विरोध को बदनाम करने पर आमादा है।”

केंद्रीय जाँच एजेंसी ने अपनी प्राथमिकी में एसएफजे के खिलाफ कुछ दावे किए हैं। प्राथमिकी के मुताबिक, “भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी समेत कई देशों में भारतीय मिशनों के बाहर प्रदर्शन सहित भारत सरकार के खिलाफ अभियान और प्रचार प्रसार के लिए विदेशों में बड़े पैमाने पर धन एकत्र किया जा रहा है।”

आरोप है कि ये धन भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से देश में खालिस्तानी तत्वों को हस्तांतरित किया जाता है।