समाचार
पाकिस्तान में तेल-गैस भंडार के इमरान खान के दावे को विशेषज्ञों ने बताया गलत

उद्योग के विशेषज्ञों ने इमरान खान द्वारा किए गए दावों को ख़ारिज कर दिया है। इमरान खान ने दावा किया था कि पाकिस्तान अरब सागर में अपने देश के सबसे बड़े तेल और गैस भंडार की खोज में जल्द ही सफलता प्राप्त करने वाला है लेकिन अब इस दावे को विशेषज्ञों ने गलत बताया है।

केकरा-1 वेल जहाँ पाकिस्तान के गैस और तेल के भंडार की खोज होने वाली थी, बताया जा रहा है की वहाँ पहले से ही 3700 मीटर गहरी खुदाई हो गई है जो कि पाकिस्तान के लक्ष्य से केवल 1800 मीटर दूर है।

केकरा 1-वेल पर स्पड ड्रिलिंग गतिविधियों को संयुक्त उद्यम द्वारा 25 प्रतिशत शेयर लगभग 75-80 मिलियन डॉलर शेयर देकर बंद करवा दिया गया था। इटालियन कंपनी इएनआई केकरा 1-वेल की ऑपरेटर है। एक्सान मोबाइल, ओजीडीसीएल और पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड इस उद्यम के निष्क्रिय भागीदार हैं। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इतनी जल्दी खोज का दावा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले कुआँ 4800 मीटर तक खोदा गया था लेकिन भारी दबाव के कारण और कीचड़ के नुकसान के कारण कुएँ को बंद करना पड़ा। दोबारा प्रयास करने पर 3100 मीटर की गहराई पर फिर असफलता प्राप्त हुई थी और उसके बाद कुएँ को फिर बंद करदिया गया। 

पूर्व विशेष सचिव पेट्रोलियम और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय और पूर्व डीजी जीए सबरी ने बताया कि केकरा 1- वेल की खुदाई से पहले खोज की संभावना 19 प्रतिशत थी लेकिन लेकिन दोनों पक्षों पर ध्यान देने के बाद संभावना कम हो गई है। 

1963 से लगभग 17 बार खोज करने का प्रयास किया गया है लेकिन हर बार असफलता प्राप्त होती है। बड़ी कंपनियाँ जैसे शैल, सुन आयल कंपनी, विंटर शैल और मैराथन आयल कंपनी ने कई बार प्रयास किया है लेकिन असफल रहे।