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‘कॉरपोरेट कर कम होने से नौकरी के बाज़ार समेत सभी क्षेत्रों में उम्मीदें बढ़ीं’- विशेषज्ञ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के निर्णय ने कॉरपोरेट कर कम करके नौकरी के बाज़ार में खुशहाली की संभावनाएँ दिखा दी हैं। ईटी से बातचीत में एक विशेषज्ञ ने कहा, “सरकार की घोषणाओं से सभी सेक्टरों में उम्मीद बढ़ी है।”

उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि सरकार व्यवसायों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजित करने में मदद करेगी। कंज्यूमर, रिटेल, इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों की कंपनियों में जॉब के अवसर बढ़ने के अलावा उन्हें लाभ मिलेगा। ऑटो जगत में आई मंदी में सरकार का निर्णय टॉनिक की तरह काम कर सकता है।”

मैनपावरग्रुप सर्विसेज इंडिया के अध्यक्ष मनमीत सिंह ने कहा, “इस कदम से विनिर्माण क्षेत्र में निवेश पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आर्थिक गतिविधियाँ, उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के मौके बनेंगे।” जहाँ अधिकतर इंडिया इंक के अधिकारी सकारात्मक प्रभाव की बात कह रहे हैं, वहीं कुछ ने कहा कि इससे नौकरी के बाज़ार में सकारात्मक असर पड़ने में समय लग सकता है।”

एसयूवी और ट्रैक्टर निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने ट्वीट किया, “सरकार का यह फैसला दिवाली की तरह है।” टायर निर्माता कॉन्टिनेंटल इंडिया के कंट्री हेट प्रशांत डोरस्वामी ने कहा, “कॉरपोरेट टैक्स में मिली राहत से कंपनियाँ अगले वित्त वर्ष में अपनी कार्यशैली में सुधार कर सकेंगी। इससे उद्योग में दोबारा निवेश का मौका मिलेगा। नौकरी के बाज़ार पर सकारात्मक असर पड़ेगा।”

आरपीजी इंटरप्राइजेस के सीईओ हर्ष गोयनका ने कहा, “अर्थव्यवस्था जब होश खो रही थी, तब देवी लक्ष्मी के रूप में वित्त मंत्री आईं। उनका कदम अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार और देश को समृद्धि की तरफ ले जा रहा है।”

पवन गोयनका के सहकर्मी राजेश्वर त्रिपाठी ने कहा, “नौकरियाँ तभी पैदा हो सकती हैं, जब ऑटो सेक्टर पटरी पर लौटे।” श्नाइडर इलेक्ट्रिक-इंडिया में मुख्य वित्तीय अधिकारी सुगाता सिरकार ने कहा, “कर कटौती देश में विनिर्माण निवेश के लिए एक कुशलता प्रदान करेगी।”