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ईवीएम से वीवीपैट मिलान की याचिका पर न्यायालय पक्ष में, चुनाव आयोग देगा शपथ-पत्र

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट में 50 प्रतिशत मिलान को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में अखिलेश यादव सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने इसका विरोध किया है और इसे समय और संसाधन की  बर्बादी बताया है।

वहीं सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका के पक्ष में बोलते हुए कहा कि ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों के मिलान की संख्या को बढ़ाया जाए। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से वजह मांगी है कि वह मिलान की संख्या को क्यों बढ़ाना नहीं चाहते हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से शपथ-पत्र की मांग की है जिसे चुनाव आयोग 28 मार्च को पेश करेगा वहीं इस मामले पर अगली सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय में 1 अप्रैल को की जाएगी।

विपक्ष के 21 नेताओं ने ईवीएम और वीवीपैट में 50 प्रतिशत मिलान को बढ़ाने के लिए याचिका जारी की है जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, शरद पवार और केसी वेणुगोपाल जैसे नाम शामिल हैं।