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झारखंड में भाजपा सरकार की चरण पादुका योजना से आदिवासियों का जीवन होगा आसान

आदिवासियों का जीवन आसान बनाने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने प्रशंसनीय पहल की है। इसमें गरीब आदिवासियों को मुफ्त में जूते-चप्पल मुहैया कराए जाएँगे। ये काम की तलाश और जंगलों में जीवन बसर करने के लिए रोज कई किमी. नंगे पाँव चलते हैं, जिसकी वजह से बुरी तरह घायल हो जाते हैं।

चरण पादुका योजना के तहत राज्य के सबसे गरीब जनजातीय समूहों के सदस्यों को योजना का लाभ मिलेगा।16 अगस्त को झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई योजना के पहले चरण में करीब 100,000 आदिवासियों को लाभान्वित किया जाएगा। यह योजना केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा विशेष रूप से चिह्नित किए गए कमजोर जनजातीय समूहों के आदिवासियों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाएगी।

प्रमुख आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता शिबेन दास ने कहा, “आदिवासियों को जंगलों से वन उपज इकट्ठा करने, भोजन और काम की तलाश में रोजाना नंगे पाँव चलना पड़ता है। इससे वे चोट, संक्रमण और पैर के घावों से पीड़ित रहते हैं। ऐसे में यह योजना उनके जीवन को आरामदायक और खतरा मुक्त बना देगी।”

सिंहभूम जनजाति कल्याण परिषद द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार, रघुवार दास ने बताया, “सीमेंट बनाने वाली कंपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत योजना में 100,000 रबर सैंडल प्रायोजित करने के लिए आगे आई है।”

कोलकाता की एक फुटवियर निर्माण कंपनी ने चक्रधरपुर और चाईबासा में गरीब परिवारों की 150 आदिवासी महिलाओं को रबर के सैंडल बनाने का प्रशिक्षण दिया। इनको सीमेंट प्रमुख खरीदेगा और राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा। साल की शुरुआत में कांग्रेस सरकार ने यह योजना बंद कर दी थी। उसने कहा था कि लाभार्थी खुद जूते-चप्पल खरीदें। इसकी राशि उनके खातों में भेजी जाएगी। कई आदिवासी कार्यकर्ताओं ने इस फैसले की आलोचना की क्योंकि राशि लाभार्थियों के खातों में आई ही नहीं।