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मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसे मीडिया कारोबारी राघव बहल, मामला दर्ज

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अघोषित विदेशी संपत्ति खरीदने के लिए कथित काले धन के इस्तेमाल को लेकर मीडिया कारोबारी राघव बहल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। हालाँकि, उन्होंने सारी गड़बड़ियों से इनकार करते हुए कहा, “मैंने अधिकारियों के सामने सभी रिकॉर्ड समय से पेश किये थे।”

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, आयकर विभाग ने हाल ही में राघव बहल के खिलाफ मेरठ की अदालत में कालाधन-निरोधक कानून एवं कर आरोपण कानून 2015 के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया था।

सूत्रों की मानें तो उनके और अन्य के खिलाफ आयकर विभाग की शिकायत का संज्ञान लेते हुए ईडी ने इस हफ्ते के शुरू में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी। बहल का आरोप है, “दोनों विभागों की कार्रवाई से लगता है कि ईमानदारी से कर चुकाने के बाद भी बिना किसी गलती के उन्हें परेशान किया जा रहा है।”

उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सीबीडीटी और ईडी के प्रमुखों को ई-मेल भेजकर कहा, “मेरे और कंपनियों की ओर से कर्ज चुकाने में कोई गलती नहीं की गई है।” राघव बहल समाचार पोर्टल द क्विंट और नेटवर्क 18 समूह के संस्थापक और जाने-माने मीडिया कारोबारी हैं।

बहल को दी गई नोटिसों में कहा गया है कि उन्होंने कालेधन से लंदन में अघोषित संपत्ति खरीदी थी। इस पर बहल ने कहा, “मैंने 2.73 लाख पाउंड से जुड़े सीमित आरोपों पर सफाई दे दी है। साथ ही सभी सुबूत आयकर विभाग को सौंप दिए हैं। मैं पहले ही कारण बताओ नोटिस और बाद की कार्रवाइयों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दे चुका हूँ। अदालत 25 जून को आयकर विभाग का जवाब मिलने के बाद सुनवाई करेगी।”