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केवल इलेक्ट्रॉनिक्स का उपभोक्ता बाज़ार नहीं, भारत में घरेलू विनिर्माण भी तेज़ी से बढ़ेगा

फ्रॉस्ट एंड सुलिवन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायन्सेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सीईएएमए) द्वारा किए गए नए अध्ययन में कहा गया कि संपूर्ण भारतीय उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स बाज़ार आने वाले पाँच वर्षों में 11.7 की वार्षिक विकास दर से बढ़ेगा।

बिज़नेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अच्छी बात यह है कि उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स का घरेलू विनिर्माण 17.8 प्रतिशत या उससे भी तेज़ गति के साथ बढ़ेगा।

रिपोर्ट में कहा गया, “एसीई उत्पादों की खरीद में जारी बढ़ोतरी और मेक इन इंडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक्स पर राष्ट्रीय नीति जैसे भारत सरकार के निर्णयों से भारत अपने आपको एक वैश्विक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का केंद्र बना सकता है। वर्तमान में यानी 2018-19 में एसीई उत्पादों के लिए मूल्यवर्धन 34 प्रतिशत है और 2024-25 तक बढ़कर 54 प्रतिशत होने की संभावना है।”

ऑडियो, फ्रिज, टीवी, एसी और वाशिंग मशीन इलेक्ट्रॉनिक्स के वो पाँच प्रमुख वस्तुएँ हैं, जिन पर इस रिपोर्ट में ध्यान दिया गया है। गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स का पूरा बाजार वर्तमान में 76,400 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 1,48,600 करोड़ रुपये हो जाएगा।

उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स बाज़ार के उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को भारत की वर्तमान युवा जनता से जोड़कर देखा जाता है। आने वाले वर्षों में काम करने वाले लोगों की आयु वर्ग की संख्या में विस्तार होगा।

एक कारण एयर कंडीशनर जैसे कुछ उपकरणों के विनिर्माण बाज़ार में प्रवेश के लिए का वर्तमान का स्तर निम्न है, जिससे आगे की वृद्धि के लिए बहुत आसार हैं।