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नरेश गोयल के खिलाफ ईडी ने किया मनी लॉन्ड्रिंग का नया मामला दर्ज, की लंबी पूछताछ
2018 में जेट, 2011 के किंगफिशर से बेहतर नहीं

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जेट एयरवेज़ के संस्थापक नरेश गोयल के खिलाफ का नया मामला मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया है। जाँच एजेंसी ने बुधवार को उन्हें हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी की टीम नरेश गोयल को लेकर उनके घर भी पहुँची और वहाँ तलाशी ली। ईडी जेट के 12 साल के वित्तीय लेन-देन की जाँच कर रही है।

ईडी के अधिकारी ने बताया, “उन्हें बुधवार सुबह समन भेजकर ईडी ऑफिस तलब किया गया था, जहाँ उनसे देर शाम तक पूछताछ हुई। उसके बाद अधिकारी उन्हें लेकर उनके घर गए और वहाँ कागजात तलाशे।

मुंबई की एक ट्रैवल एजेंसी ने पुलिस के पास गोयल, उनकी पत्नी अनीता और जेट एयरवेज के खिलाफ 46 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। इसको लेकर ईडी पूछताछ और छापेमारी कर रही है। पिछले साल अगस्त में भी जाँच एजेंसी ने गोयल के घर पर छापेमारी की थी। तब उनकी 19 कंपनियों से जुड़े संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली थी। इनमें से 14 फर्म भारत और 5 विदेश में हैं। ईडी ने तब इन कंपनियों में रुपये ट्रांसफर करने के कई डिजिटल सबूत और अहम दस्तावेज जुटाए थे।

ईडी के मुताबिक, विदेशों में मौजूद कंपनियों पर गोयल के अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण की बात सामने आई है। आरोप है कि गोयल ने बंद हो चुकी अपनी एयरलाइंस के जरिए लेन-देन में गड़बड़ी की थी। गोयल और उनकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी है।

नरेश गोयल ने पिछले साल मार्च में जेट एयरवेज के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 14 अप्रैल को एयरलाइंस ने 8,000 करोड़ के घाटे का हवाला देकर काम बंद कर दिया था।