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ईडी ने शुरू की विकास दुबे के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच, वित्तपोषक जाँच के घेरे में

कुख्यात अपराधी विकास दुबे के कानपुर में मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसके काले कारोबार की जाँच शुरू कर दी है। उसकी संपत्तियों के साथ उसके आश्रयदाता और वित्तपोषक भी जाँच के घेरे में आएँगे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने विकास दुबे की सभी घोषित और अघोषित संपत्तियों की जाँच शुरू कर दी है। उसके विरुद्ध अर्थशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जाँच शुरू हो गई है। इस बाबत पुलिस महानिरीक्षक कानपुर से सारी जानकारियाँ माँगी गई हैं।

ईडी को जानकारी मिली है कि गत तीन वर्ष में विकास दुबे ने 15 देशों की यात्रा की। संयुक्त अरब अमीरात और थाइलैंड में एक-एक पेंटहाउस खरीदा। हाल ही में उसने लखनऊ में 20 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदी थी। जाँच एजेंसी ने परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ आपराधिक मामलों की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी है।

सूत्रों की मानें तो विकास दुबे के खिलाफ अगर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई हुई तो उसकी कई अवैध संपत्तियों को अटैच किया जा सकता है। इसके साथ ही यूपी, राजस्थान स्थित उसकी कई अवैध चल और अचल संपत्तियों को सीज किया जा सकता है।

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने भी जाँच का दायरा बढ़ा दिया है। अब टीम विकास दुबे मामले में फिर से उज्जैन जाएगी। वहाँ पर अपराधी के शराब कारोबारी से कनेक्शन की जाँच की जाएगी। वहाँ पर उसकी शराब कारोबारी ने मदद की थी। उसको भी मध्य प्रदेश पुलिस ने हिरासत में लिया है। महाकाल मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जाएँगे।