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प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चंदा कोचर के पति दीपक को किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को सोमवार (7 सितंबर) को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि एजेंसी ने मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं के तहत उन्हें गिरफ्तार किया है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी वीडियोकॉन समूह को बैंक से कर्ज देने में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कोचर दंपति से पूछताछ कर रही है।

दीपक कोचर की गिरफ्तारी ईडी ने वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमुख वेणुगोपाल धूत को आईसीआईसीआई बैंक की ओर से 3250 करोड़ रुपये का ऋण दिए जाने के मामले में की गई। यह अब तक मामले की सबसे बड़ी गिरफ्तारी है। कुछ दिन पूर्व ही धूत समेत चंदा कोचर और उनके पति के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुई थी। मामले में चंदा कोचर के देवर से भी पूछताछ हुई थी।

बता दें कि इस वर्ष चंदा, दीपक कोचर और उनके स्वामित्व व नियंत्रण वाली कंपनियों की 78.15 करोड़ रुपये की चल-अचल परिसंपत्तियों को जब्त किया गया। इनमें तमिलनाडु और महाराष्ट्र स्थित फ्लैट, ज़मीन, नकदी, मशीनें व संयंत्र शामिल हैं।

प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, जाँच में पता चला कि चंदा कोचर की अध्यक्षता वाली समिति ने वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को स्वीकृत किए 300 करोड़ रुपये के कर्ज में से 64 करोड़ रुपये आठ सितंबर-2009 को दीपक कोचर के स्वामित्व वाली नूपावर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में नूपावर रिन्यूएबल्स लिमिटेड) में स्थानांतरित किए थे। वीडियोकॉन ने यह राशि ऋण स्वीकृत होने के एक दिन बाद स्थानांतरित की थी। इस राशि से दीपक की कंपनी ने 10.65 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था।