समाचार
ईडी भी जुटी हाथरस कांड को सहारा बनाकर दंगा भड़काने वाली वेबसाइट की जाँच में

उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए दलित युवती से दुष्कर्म के मामले के बाद जिस वेबसाइट के सहारे राज्य में जातीय दंगा भड़काने की कोशिश की जा रही थी, उसकी जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रहा है। वेबसाइट के ज़रिए एकत्र की गई भारी धनराशि का कहाँ उपयोग हुआ, इसकी पड़ताल में जाँच एजेंसी लग गई है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह ने बताया, “हाथरस में सोमवार को धारा 153 ए के तहत जो मामला दर्ज किया गया, वह पीएमएलए के अंतर्गत अधिसूचित अपराध है। इसके तहत जितना धन एकत्रित किया गया है, उसे जब्त किया जा सकता है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसे सात वर्ष की सज़ा हो सकती है।

उन्होंने बताया, “एफआईआर की जाँच की जा रही है। वेबसाइट की भी जाँच चल रही है कि इसका डोमेन किसने खरीदा, किसकी मेल आईडी और फोन नंबर का उपयोग किया गया? कितना धन वेबसाइट के ज़रिए आया और उसे कहाँ खर्च किया गया?”

राजेश्वर सिंह ने यह भी बताया कि वेबसाइट के डोमेन के लिए विदेशी सर्वर का उपयोग किया गया। उक्त सर्वर व सर्विस प्रोवाइडर से भी पूरी जानकारी ली जाएगी। उक्त डोमेन के आईपी ट्रैफिक का भी पता लगाया जाएगा, ताकि पता चल सके कि इस वेबसाइट को कहाँ-कहाँ से इस्तेमाल किया गया है।

ईडी मामले की जाँच के बाद पीएमएलए के तहत मामला दर्ज करेगा और फिर ऐसे लोगों की गिरफ्तारियाँ की जाएँगी।