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आम बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश, 2019 में विकास दर 7 प्रतिशत रहने की उम्मीद

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आम बजट आने से एक दिन पूर्व गुरुवार को संसद में मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया।

दैनिक जागरण  की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें बताया गया कि देश की विकास दर वित्त वर्ष 2020 में बढ़ने की उम्मीद है। यह इस वित्त वर्ष में 7 प्रतिशत रह सकती है। 2020 में तेल की कीमतों के कम रहने की संभावना भी जताई गई है। सर्वे में बताया गया कि पिछले 5 साल में जीडीपी की औसत दर 7.5 प्रतिशत रही है।

सर्वे 2018-19 में बताया गया कि इस साल जनवरी से मार्च के बीच मंदी का कारण चुनाव की अनिश्चितता रही। एनबीएफसी संकट के कारण विकास दर में कमी आई। पूँजी निवेश दर अपने निचले स्तर पर पहुँचा है।

सर्वे में कहा गया कि खाद्य सामग्री के दाम कम होने से किसानों ने उत्पादन कम किया है। यहाँ तक कहा गया है कि जीएसटी और फॉर्म स्कीम ने विकास को धीमा किया है। वित्त वर्ष 2018 में फिस्कल डेफिसिट 6.4 प्रतिशत पर था, जिसके 2019 में 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।