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12 राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध, स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया सचेत

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की पिछले साल की रिपोर्ट के कारण देश के 12 राज्यों ने युवाओं में प्रचलित वेप या इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, बिहार, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी और झारखंड राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध लगाया गया है, लाइव मिंट  ने रिपोर्ट किया।

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है पर यह सिगेरट तंबाकू का इस्तेमाल और उसके उत्पादन को बढ़ावा नहीं देती है, पर डॉक्टरों के अनुसार यह सिगरेट भी उपभोगताओं के स्वास्थ्य को उतना ही नुकसान पहुँचाती है जितना कि तंबाकू वाली सिगरेट।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार यह इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में निकोटिन नामक नशे की लत वाला पदार्थ होता है, जो तंबाकू में भी पाया जाता है।

अगस्त 2018 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को इस बात पर आगाह किया था कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, वेप, इलेक्ट्रॉनिक हुक्का, इलेक्ट्रॉनिक शीशा इन सभी वस्तुओं की खरीद, इस्तेमाल, उत्पादन, व्यापार और इनके प्रचार पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए।

यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के बाद उठाया गया है जिसमें उसने केंद्र को इस इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने को कहा था। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने भी इन सिगरेटों पर इसी तरह के आदेश दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय की इस सलह के बाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रोद्योगिक मंत्रालय ने भी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनयम में नया संशोधन करते हुए इन इलेक्ट्रॉनिक सिगरेटों के प्रचार पर भी प्रतिबंध लगाने की बात की है।