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“केंद्र पीएफआई को प्रतिबंधित करने की तैयारी में”- योगी सरकार ने सुनवाई में कहा

केंद्र सरकार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को प्रतिबंधित संगठन की सूची में डालने के लिए तैयार है। इसके लिए बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय में एक मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने जानकारी दी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना और न्यायमूर्ति सूर्यकांत और एएस बोपन्ना की पीठ को बताया, “केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन पीएफआई से जुड़ा है। संगठन के पदाधिकारियों का प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) से जुड़े होने के बारे में पता चला है।”

सर्वोच्च न्यायालय ने पूछा, “क्या पीएफआई पर प्रतिबंध लगाया गया है?” इस पर तुषार मेहता ने कहा, “कई राज्यों में संगठन प्रतिबंधित है। मेरी सूचना के आधार पर नरेंद्र मोदी सरकार भी इसे प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया में है।”

बता दें कि पीएफआई से कथित तौर पर संबंध रखने वाले चार आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इनमें सिद्दीकी कप्पन के अतिरिक्त अतिक-उर रहमान, मसूद अहमद और आलम शामिल हैं।