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चीन के दबाव में पाकिस्तान ने बस विस्फोट में बताया आतंकी हाथ, पहले कहा था दुर्घटना

हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दसू में चीनी इंजीनियरों से भरी बस में हुए विस्फोट के मामले में चीन के दबाव के बाद पाकिस्तान ने इसे आतंकी घटना मानने से मना नहीं किया है। इससे पहले तक वह इसे दुर्घटना ही बता रहा था।

टाइम्स नाऊ हिंदी कि रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का कहना है कि शुरुआती जाँच में बस के अंदर से विस्फोटक सामग्री के अंश प्राप्त हुए हैं। उसके बयान में यह परिवर्तन तब आया, जब चीन ने कहा कि वह मामले की जाँच के लिए एक दल भेजेगा।

सूचना मंत्री फवाद ने अपने ट्वीट में कहा, “दसू विस्फोट की प्रारंभिक जाँच में विस्फोटक के अंश मिले हैं। इस वजह से इसे आतंकी घटना होने से मना नहीं किया जा सकता है। प्रधानमंत्री इमरान खान व्यक्तिगत रूप से मामले को देख रहे हैं। चीन और पाकिस्तान मिलकर आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई जारी रखेंगे।”

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, “मामले की जाँच के लिए हमारा एक दल पाकिस्तान जाएगा। विस्फोट के कारण का पता लगाया जाएगा। वहाँ चीनी नागरिकों की सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। हमने पाकिस्तान से मामले की गहनता से जाँच करने को कहा है।”

बता दें कि दसू जलविद्युत परियोजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का हिस्सा है, जिसमें बीजिंग की बेल्ट एंड रोड पहल के तहत 65 अरब डॉलर के निवेश की योजना है।

बुधवार (14 जुलाई) को चीनी इंजीनियरों और श्रमिकों को ले जा रही बस में विस्फोट हो गया। इसमें नौ चीनी नागरिक, दो सेना के जवान सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, करीब 40 लोग घायल हो गए थे।