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डीआरडीओ ने विकसित की स्वदेशी मशीन पिस्तौल, 100 मीटर दूरी पर कर सकती हमला

देश की पहली स्वदेशी मशीन पिस्तौल को भारतीय सेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मिलकर विकसित किया है। यह 100 मीटर की दूरी पर हमला करने में सक्षम है।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, स्वदेशी मशीन पिस्तौल को रक्षा बलों में 9 मिमी पिस्तौल से बदलने के लिए विकसित किया गया है। यह इज़राइल के उजी शृंखला की तोपों में शामिल है।

मशीन पिस्तौल ने विकास के अंतिम चार महीनों में 300 से अधिक राउंड फायर किए हैं। इसे बुधवार (13 जनवरी) से सेना के नवाचार प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रदर्शित किया गया है। कहा जा रहा है कि इसे जल्द ही भारतीय सेना को उपयोग करने के लिए दे दिया जाएगा।

बता दें कि ‘आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में ही हथियारों के निर्माण को लेकर आत्मनिर्भरता मजबूत हुई है। गत वर्ष 2020 में डीआरडीओ ने देश की पहली रुद्रम एंटी रेडिएशन मिसाइल का सुखोई-30 लड़ाकू विमान से सफल परीक्षण किया था।