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डीआरडीओ ने स्वदेश में विकसित स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन का किया सफल परीक्षण

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार (22 जनवरी) को एक बयान में कहा कि डीआरडीओ ने गुरुवार (21 जनवरी) को ओडिशा तट पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के हॉक-आई विमान से स्वदेशी रूप से विकसित स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन (सॉ) का सफल परीक्षण किया।

डीआरडीओ द्वारा किया गया सॉ का यह नौवाँ परीक्षण था, जो सफल रहा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस परीक्षण ने सभी उद्देश्यों को पूरा किया है। अंतरिम परीक्षण रेंज (आईटीआर) बालासोर में स्थापित टेलीमेट्री और ट्रैकिंग सिस्टम ने ​अभियान ​के दौरान सभी ​घटनाओं ​को दर्ज करके ​परीक्षण ​को सफल बताया।

सॉ को स्वदेशी रूप से डीआरडीओ के रिसर्च सेंटर इमरत (आरसीआई) हैदराबाद में डिजाइन और विकसित किया गया है। 125 किलोग्राम वर्ग का स्मार्ट हथियार दुश्मन की हवाई क्षेत्र की संपत्ति जैसे राडार, बंकर, टैक्सी ट्रैक और रनवे आदि को 100 किमी की सीमा तक से भेदने में सक्षम है।

यह एक तरह का निर्देशित बम है, जो अपनी ही तरह की अन्य हथियार प्रणाली की तुलना में हल्के वजन का होता है। हथियार को पहले जगुआर विमान से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था।

डीडीआरएंडडी सचिव और डीआरडीओ अध्यक्ष डॉक्टर जी सतीश रेड्डी ने सफल परीक्षण में शामिल टीमों को बधाई दी।