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डीआरडीओ व एआईसीटीई ने छह विशेष विषयों संग रक्षा प्रौद्योगिकी में शुरू किया एमटेक

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने विभिन्न रक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आवश्यक सैद्धांतिक और प्रायोगिक ज्ञान, कौशल और योग्यता प्रदान करने के लिए रक्षा प्रौद्योगिकी में एक नियमित मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) कार्यक्रम शुरू किया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में गुरुवार (8 जुलाई) को कहा गया कि इसको डीआरडीओ निदेशक डॉ जी सतीश रेड्डी और एआईसीटीई अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल डी सहस्त्रबुद्धे ने एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान संयुक्त रूप से लॉन्च किया।

रक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि यह कार्यक्रम इच्छुक इंजीनियरों को रक्षा प्रौद्योगिकी में अपना करियर शुरू करने के लिए प्रेरित करेगा।

मंत्रालय ने कहा, “यह एमटेक रक्षा प्रौद्योगिकी कार्यक्रम किसी भी एआईसीटीई से संबद्ध संस्थानों या विश्वविद्यालयों, आईआईटी, एनआईटी या निजी इंजीनियरिंग संस्थानों में आयोजित किया जा सकता है। रक्षा वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीविद् संस्थान (आईडीएसटी) इस कार्यक्रम के संचालन के लिए संस्थानों को सहायता प्रदान करेगा, जिसे ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रारूप में आयोजित किया जा सकता है।”

कार्यक्रम में छह विशेष विषय हैं- कॉम्बैट टेक्नोलॉजी, एयरो टेक्नोलॉजी, नेवल टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशन सिस्टम्स एंड सेंसर्स, डायरेक्टेड एनर्जी टेक्नोलॉजी और हाई एनर्जी मैटेरियल्स टेक्नोलॉजी।

मंत्रालय ने कहा कि छात्रों को डीआरडीओ प्रयोगशालाओं, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योगों में अपना मुख्य शोध कार्य करने का अवसर भी देगा।