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लद्दाख में संरक्षित क्षेत्रों की यात्रा हेतु घरेलू पर्यटकों को इनर लाइन परमिट की ज़रूरत नहीं

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में पर्यटन के लिए एक बड़े प्रोत्साहन के रूप में प्रशासन ने इनर लाइन परमिट (आईएलपी) को समाप्त कर दिया है। इसकी सहायता से ही भारतीय पर्यटक और स्थानीय निवासी केंद्र शासित प्रदेश के सभी अधिसूचित संरक्षित क्षेत्रों का दौरा कर सकते थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लद्दाख को पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में यह घोषणा की गई। लद्दाख के पर्यटन और संस्कृति सचिव महबूब अली ने कहा कि आईएलपी अपनी प्रासंगिकता खो चुका है।

हालाँकि, गौर किया जाना चाहिए कि विदेशी पर्यटकों को संरक्षित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए आईएलपी के आवेदन करने की आवश्यकता जारी रहेगी। हालाँकि, उनके आईएलपी की वैधता को सात दिनों की अवधि से 15 दिनों तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

महबूब अली ने बताया कि पर्यटकों को अब भी ऑनलाइन या नगद में पर्यावरण शुल्क का भुगतान करना होगा। सीमा समस्याओं वाले क्षेत्रों के अतिरिक्त सीमावर्ती क्षेत्रों में जाने पर प्रतिबंध भी धीरे-धीरे हटा लिया जाएगा।