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डिजिटल भारत- आधार सक्षम प्रणाली से लाभार्थियों को मिले 5.6 लाख करोड़ रुपये

मोदी सरकार ने पिछले चार वर्षों में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा), एलपीजी सब्सिडी और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को आधारसक्षम भुगतान प्रणाली के माध्यम से 5.6 लाख करोड़ रुपये की राशि पहुँचाई है, डेक्कन क्रॉनिरल  ने रिपोर्ट किया

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार गवर्नेंस पोर्टल के माध्यम से पासपोर्ट सेवाएँ और भूमि रिकॉर्ड जैसी सुविधाओं के लिए 9.1 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन का सहयोग भी कर रही है।

आधारसक्षम भुगतान प्रणाली के माध्यम से सुशासन पिछले चार वर्षों में सरकार के लिए ध्यान केंद्रित करने का क्षेत्र रहा है। हमने आधारसक्षम भुगतान प्रणाली का उपयोग करते हुए नरेगा, एलपीजी सब्सिडी, आदि के लाभार्थियों को कुल 5.6 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए हैं।“, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के परियोजना विकास, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीज़न के निदेशक विनय ठाकुर ने 27वें कन्वर्जेंस इंडिया 2019 एक्सपो और सम्मेलन में कहा। 

ठाकुर ने कहा, “इसके अलावा, हम वर्तमान में गवर्नेंस पोर्टल के माध्यम से 9.1 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन जैसे पासपोर्ट सेवा, भूमि रिकॉर्ड आदि की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।” महत्वाकांक्षी भारतनेट परियोजना के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल विभाजन को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

देश में लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में से हम लगभग 1.22 लाख तक पहुँच चुके हैं और हमारा उद्देश्य सभी क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक पहुँचना है। ठाकुर ने कहा कि इसके अलावा, सेवाओं के तेजी से वितरण एवं तकनीक के बुनियादी ढाँचे में सुधार के लिए सरकार ने 7,000 से अधिक वेबसाइटों और 960 प्रमुख अनुप्रयोगों को तैनात किया है।