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अमित शाह का आश्वासन- “असमियों के सभी मुद्दे असम समझौते के अनुसार सुने जाएँगे”
आईएएनएस - 11th December 2019

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार (11 दिसंबर) को राज्यसभा में कहा कि असम समझौते के खंड 6 के तहत एक समिति स्थानीय लोगों को उनकी भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान से संबंधित सभी चिंताओं को संबोधित करेगी।

शाह ने राज्यसभा में विधेयक को पेश करते हुए कहा, “मैं इस सदन के माध्यम से असम के सभी मूल निवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार उनकी सभी चिंताओं में साथ है। खंड 6 के तहत गठित समिति सभी की चिंताओं को संबोधित करेगी।”

गृह मंत्री ने कहा कि जब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा असम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे तो राज्य में आवाजाही रोक दी गई थी और लोगों ने जश्न मनाया और पटाखे फोड़े लेकिन समिति का गठन कभी नहीं किया गया।

समझौते पर कार्रवाई ना होने का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा, “मैं आज एक कड़वे तथ्य को सामने रखना चाहता हूँ। 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी ने असम समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के अनुसार सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान की रक्षा और संरक्षण के लिए एक समिति का गठन किया जाना था।”

शाह ने कहा कि अब समय आ गया है कि असमियों की समस्याओं का समाधान खोजा जाए। साथ ही साथ खंड 6 के तहत गठित समिति से अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने के लिए भी आग्रह किया।

केंद्र सरकार ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने के बाद भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के सदस्यों को भारतीय राष्ट्रीयता प्रदान करने के लिए नागरिकता संशोधन विधेयक लाई है।

(इस समाचार को वायर एजेंसी फीड की मदद से प्रकाशित किया गया है)