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‘दीदी का नाटक और सर्कस’ कहने पर बंगाल के भाजपा नेता दिलीप घोष पर मामला दर्ज

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख दिलीप घोष ने तृणमूल की 21 जुलाई को आयोजित की गई वार्षिक ‘शहीद दिवस’ रैली को ‘दीदी का नाटक और सर्कस’ करार दे दिया था। इस कथन पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई।

द इंडियन एक्सप्रेस  की रिपोर्ट के अनुसार, दिलीप घोष ने यह भी कहा था, “यह रैली एक ‘शोक सभा’ होगी क्योंकि पार्टी ने इस साल लोकसभा चुनाव में हार का सामना किया था।”

उन्होंने सवाल किया था, “सभी दीदी का नाटक और सर्कस देखने के लिए वहाँ गए थे। क्या यहाँ से कोई कल सर्कस देखने के लिए जाएगा। कोई द्वार नहीं, कोई झंडे नहीं। ये क्या चल रहा है, मुझे समझ में नहीं आ रहा। क्या यह एक विजयी उत्सव होगा या फिर शोक सभा?”

उन्होंने कहा था, “कोलकाता में रैली का हिस्सा बनने वाले तृणमूल नेताओं का लोगों को रास्ता रोकना चाहिए और उनसे जनता के धन को लेकर सवाल करना चाहिए, जिसे हासिल करके वह कुछ वर्षों से सत्ता में हैं।”

अपने खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी, “तृणमूल सरकार मेरे खिलाफ 10 और प्राथमिकी दर्ज करवा सकती है और मैं सभी का सामना करने के लिए तैयार रहूँगा।”