समाचार
क्या आप जानते थे- क्रिश्चियन मिशेल ने राफेल सौदे में भी गड़बड़ी का प्रयास किया था

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में घूसखोरी और पैसों की हेर-फेर के लिए गिरफ्तार क्रिश्चियन मिशेल ने राफेल सौदे में भी गड़बड़ी करने का प्रयास किया था। उसने राफेल के विरोधी अन्य यूरोफाइटर कंपनियों का प्रचार करने की रणनीति अपनाई थी।

जब लोकसभा में विपक्ष ने नरेंद्र मोदी का अपमान करने के लिए कागज़ के जहाज़ उड़ाए थे तब वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चुटकी लेते हुए कहा था, “मेरे ख्याल से ये जहाज़ यूरोफाइटरों की स्मृति में उड़ाए गए हैं।”

2007 में जब कांग्रेस सरकार लड़ाकू विमानों के लिए सौदा कर रही थी तब राफेल के पाँच अन्य विरोधी भी थे। एक था यूरोफाइटर टाइकून जो यूके, जर्मनी, इटली और स्पेन के बहुदेशीय रक्षा संघ द्वारा डिज़ाइन किया गया था। हालाँकि भारतीय वायु सेना के कड़े परीक्षणों के बाद राफेल को चुना गया था।

हालाँकि इंडिया टुडे टीवी की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले के दो बिचौलिए इस सौदे में भी रणनीति द्वारा यूरोफाइटर को फायदा पहुँचाना चाह रहे थे। गूडो हैस्के के घर पर मारे गए छापों में से एक “रणनीति पत्र” मिलने से यह पता चला है कि राफेल के स्थान पर इसके प्रमुख प्रतिद्वंदी को बेहतर स्थिति में दर्शाने के लिए रणनीति बनाई जा रही थी।

इस दस्तावेज में लिखा था, “देश के भीतर एक नौकरशाही और राजनीतिक मार्गनिर्देशक की आवश्यकता है जिसने रक्षा मंत्रालय में कार्य किया हुआ हो और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और अग्रिम परिवार से उसकी जान-पहचान हो।”

हालाँकि 2010 में वीवीआईपी चॉपर सौदे पर विवाद के कारण मिशेल और हैश्के इस मामले से बाहर हो गए, जबकि 126 विमानों के सौदे के लिए राफेल और यूरोफाइटर में प्रतिस्पर्धा बनी रही।