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फ्रेट कॉरिडोर अमेज़न, फ्लिपकार्ट का डिलीवरी समय घटाने में आ सकता है काम

भारत के समर्पित फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसीआईएल) ने जल्द ही खुलने वाले रसद केंद्र के उपयोग करने के लिए अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स की विशालकाय कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार घरेलू रसद उद्योग को बड़े ई-कॉमर्स दिग्गजों के साथ पार्सल डिलीवरी के समय में भारी कमी के साथ इस क्षेत्र में प्रवेश करने का मौका मिलेगा।

रिपोर्ट में अनामित डीएफसीसीआईएल अधिकारी की ओर से कहा गया, “यह पार्सल उद्योग के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा, क्योंकि सभी स्टेशन, छोटे और बड़े, पार्सल को संभालने के लिए समर्पित केंद्र के रूप में काम करेंगे। इससे मुंबई से दिल्ली तक पार्सल पहुँचाने में लगने वाला औसत समय पाँच दिन से घटकर 24 घंटे होने की उम्मीद है। इसके अलावा, हमारे बीच के स्टेशनों के माध्यम से सभी आंतरिक क्षेत्रों में रहनेे वाले ग्राहकों को भी इससे लाभ होगा।”

गौरतलब है कि डीएफसीसीआईएल एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) है जो पश्चिमी माल गलियारा (1,504 किलोमीटर) और पूर्वी माल गलियारा (1,856 किलोमीटर) को मिलाकर 3,306 किलोमीटर लंबे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की योजना को पूरा करने का काम करता है। परियोजना की कुल लागत 81,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

दादरी से शुरू होकर, 1,504 किलोमीटर का पश्चिमी गलियारा मुंबई में जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) तक विस्तारित होगा और राजस्थान में फुलैरा और मारवाड़ जंक्शन, पालनपुर, अमली रोड (साबरमती), मकरपुरा (वडोदरा), गोथंगम गुजरात में कोसाड और महाराष्ट्र में वसई रोड जैसे प्रमुख स्टेशन इसका हिस्सा हैं।

1,856 किलोमीटर का पूर्वी गलियारा लुधियाना से दनकुनी तक फैला होगा, जो धंधरीकलां, सरहिंद, टूंडला, भूपुर, प्रेमपुर, करछना, जीयनथपुर, मुगलसराय, गंजख्वाजा, सासाराम, सोन नगर, गोमोह, अंडाल और बर्धमान जैसे प्रमुख स्टेशन इसका हिस्सा हैं।

यह अनुमान लगाया गया है कि लगभग 80 प्रतिशत मालगाड़ियों की आवाजाही को समर्पित गलियारे में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप माल गाड़ियों की बहुत तेज़ गति होगी, यात्री ट्रेनों के लिए ट्रैक स्थान खाली करना होगा।