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उइगर नरसंहार पर कनाडा की संसद में ट्रूडो की अनिच्छा के बावजूद प्रस्ताव पारित

कनाडा की संसद ने सोमवार (22 फरवरी) को एक गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव पारित किया। इसमें घोषणा की गई कि चीन के अल्पसंख्यक उइगर मुसलमानों को संगठित करके उनका नरसंहार हो रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार पर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है।

नरसंहार घोषित करने के लिए कनाडा की संसद ने 266-0 से मतदान किया। हालाँकि, ट्रूडो की कैबिनेट वोट देने से बची। यह प्रस्ताव विपक्षी कंज़र्वेटिव पार्टी द्वारा प्रायोजित किया गया था।

कंजर्वेटिव पार्टी के नेता एरिन ओटोल ने वोटिंग के बाद संवाददाताओं से कहा, “10 लाख से अधिक उइगर और अन्य तुर्की मुस्लिम शिविरों में हैं। गवाहों और जीवित बचे लोगों ने जो गवाही दी है, वह भयानक है।”

प्रधानमंत्री ट्रूडो भी बार-बार नरसंहार के दावे के साथ चीनी कार्रवाई को खत्म करने के लिए कई बार विरोध कर चुके हैं।

चीन ने शिनजियांग क्षेत्र में पुनः शिक्षा के रूप में वर्णित शिविरों में करीब दस लाख उइगर मुस्लिम नागरिकों को रखा है। वहाँ उइगर महिलाओं का सामूहिक बलात्कार और जबरन नसबंदी जैसी कई बातें गत एक वर्ष में सामने आई हैं।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने अपने कार्यालय के आखिरी दिनों में कहा था कि चीन शिनजियांग प्रांत में उइगरों मुसलमानों को प्रताड़ित करके मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार कर रहा। तत्कालीन विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की घोषणा ने चीन पर मानवता के खिलाफ अपराधों का आरोप लगाया था।