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दिल्ली सरकार ने दो हजार जमातियों के पुलिस को दिए नंबर, पता करेगी कहाँ गए थे वो

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार (7 अप्रैल) को कहा, “सरकार तबलीगी जमात के उन 2,000 लोगों के मोबाइल फोन ट्रैक करेगी, जो निज़ामुद्दीन में हुई धार्मिक सभा में शामिल होने आए थे और वहाँ रुककर अलग-अलग जगहों पर गए थे। फिर उन क्षेत्रों को चिह्नित करके सील किया जाएगा।”

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राजधानी में पांच टी योजना की घोषणा करते हुए कहा, “उन जगहों की निगरानी बढ़ाई है, जहाँ वे जमाती गए थे। हमने निज़ामुद्दीन में हुई धार्मिक सभा में शामिल होने वाले 2000 जमातियों के फोन नंबर दिए हैं। हमें उन जगहों की पहचान करनी होगी, जहाँ वे गए थे। ऐसे सभी क्षेत्रों को सील किया जाएगा।”

वर्तमान में दिल्ली में वायरस के दो हॉट स्पॉट क्षेत्र बने हैं, जिनमें दिलशाद गार्डन और निज़ामुद्दीन हैं। इन्हें नियंत्रण जोन के रूप में चिह्नित किया गया है। दक्षिण मोती बाग में एक झुग्गी को भी इस क्षेत्र या उसके बाहर आवाजाही के लिए सील किया गया है। अब इसे भी आधिकारिक तौर पर नियंत्रण क्षेत्र के रूप में घोषित किया जाना है।

चिह्रित नियंत्रण क्षेत्र में लोगों को उनके घरों से बाहर निकलने से रोकना, कीटाणुनाशक का नियमित छिड़काव, स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जाँच और सरकारी कर्मचारियों द्वारा आवश्यक सामानों की डिलीवरी शामिल है।

केजरीवाल ने बताया, “ट्रैकिंग के लिए पुलिस की मदद लेनी शुरू की है। अब तक पृथक केंद्रों के मानदंडों के उल्लंघन की जाँच के लिए 27,702 फोन नंबर दिए हैं।” रिपोर्ट के अनुसार, इनका उल्लंघन करने पर मोबाइल रिकॉर्ड के आधार पर अब तक 176 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

दिल्ली पुलिस के अधिकारी का कहना है, “पुलिस सरकार और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि वे व्यक्तियों के मोबाइल रिकॉर्ड और यात्रा के इतिहास का पता लगा सके।”