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दिल्ली में तीसरी लहर आई तो रोज़ 45,000 मामलों से निपटना होगा- आईआईटी रिपोर्ट

अगर कोविड-19 की तीसरी लहर का भीषण प्रकोप दिल्ली में आता है तो राजधानी को एक दिन में 45,000 कोविड-19 के मामलों से निपटने के लिए तैयार रहने की ज़रूरत पड़ेगी। इसमें करीब 9,000 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होगी। इसको लेकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली की एक रिपोर्ट ने सुझाव दिया है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी दिल्ली की ओर से दिल्ली उच्च न्यायालय में भी रिपोर्ट दाखिल की गई है। इसमें कहा गया कि संभावित तीसरी लहर से पार पाने के लिए इसे प्रतिदिन 944 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी।

इस बहस के बाद न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने अरविंद केजरीवाल सरकार को चार सप्ताह के अंदर एक चार्ट दाखिल करने को कहा है। इसमें समय सीमा का संकेत दिया गया है, जिसके भीतर आईआईटी द्वारा की सिफारिशों को लेकर कई कदम उठाए जा सकते हैं।

रिपोर्ट ने संभावित तीसरी लहर के तीन संभावित परिदृश्य तैयार किए हैं। पहला परिदृश्य दूसरी लहर के दौरान देखे गए संक्रमणों की संख्या, अस्पताल में मरीज़ों को भर्ती करना और ऑक्सीजन की आपूर्ति की मात्रा का आधार है। अन्य दो परिदृश्य श्रेणियों के 30 प्रतिशत और 60 प्रतिशत मामले बढ़ने पर हैं।