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दिल्ली बार काउंसिल ने चैंबर में मतांतरण व निकाह पर वकील का लाइसेंस निरस्त किया

दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) ने एक अंतरिम आदेश के माध्यम से सोमवार (5 जुलाई) को एक वकील का लाइसेंस कथित रूप से मतांतरण और मुस्लिम विवाह के लिए अपने कक्ष का उपयोग करने पर निलंबित कर दिया।

बीसीडी सचिव ने वकील इकबाल मलिक को एक संदेश भेजा है, जिसमें दावा किया कि एक वकील के कक्ष में अवैध गतिविधियाँ कानूनी कार्यों की गरिमा को कम करती हैं।

दिल्ली बार काउंसिल ने अपने संदेश में कहा, “कथित गतिविधियों की यहाँ अनुमति नहीं है और न ही एक वकील की व्यावसायिक गतिविधियों का यह हिस्सा है। निकाह कराने में आपका आचरण और मतांतरण एवं निकाहनामा/विवाह प्रमाण पत्र जारी करना पूरी तरह से अपमानजनक है। यह कानूनी कार्यों की गरिमा को गिराता है।”

सोहन सिंह तोमर ने आरोप लगाया था कि कड़कड़डूमा न्यायालय में मलिक के चैंबर का उपयोग अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इसमें निकाह और मतांतरण किया जाता है।

मलिक को भेजे गए पत्र में कहा गया कि दस्तावेज़ों से यह जानकारी मिलती है कि उनके द्वारा अपने कक्ष से एक मतांतरण ट्रस्ट चलाया जा रहा है और एक काजी के पते का उल्लेख एफ-73, कड़कड़डूमा न्यायालय के रूप में किया गया है।

संदेश में आगे कहा गया, “शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी को जबरन मुस्लिम बनाया गया था और आपके कक्ष में निकाह करवा दिया गया था, जिसे मस्जिद के रूप में भी प्रदर्शित गया है।”