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दिल्ली उच्च न्यायालय ने सेंट्रल विस्टा का निर्माण कार्य रोकने वाली याचिका खारिज की

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार (31 मई) को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सेंट्रल विस्टा एवेन्यू पुनर्विकास परियोजना के चल रहे निर्माण कार्य को रोकने करने की मांग की गई थी।

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह प्रेरित थी और वास्तविक जनहित याचिका नहीं थी।याचिका आन्या मल्होत्रा और सोहेल हाशमी ने दायर की थी। पीठ ने याचिकाकर्ताओं पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

न्यायालय ने सेंट्रल विस्टा के निर्माण को जारी रखने की अनुमति देते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण और आवश्यक राष्ट्रीय परियोजना है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने निर्माण पर रोक लगाने से मना करते हुए कहा कि चूँकि मजदूर कार्यस्थल पर रह रहे हैं। संबंधित डीडीएमए का आदेश भी कहीं निर्माण कार्य को प्रतिबंधित नहीं करता है।

न्यायालय ने यह भी कहा कि शापूरजी पल्लोनजी समूह को दिया गया ठेके के तहत काम नवंबर 2021 तक पूरा होना है और इसलिए इसे जारी रखने दिया जाना चाहिए।