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उच्च न्यायालय की दिल्ली सरकार को फटकार, “दवा न देकर ले रहे मरीजों की जान”

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार (27 अप्रैल) को अरविंद केजरीवाल सरकार की व्यवस्था को पूरी तरह असफल बताया है। न्यायालय ने कहा, “ऑक्सीजन सिलेंडरों और रेमेडिसविर जैसी दवाओं की कालाबाजारी हो रही है। सरकार इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, ताकि ज़रूरतमंदों को कालाबाजारी का शिकार न होना पड़े।”

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायाधीश रेखा पल्ली की पीठ ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, “दिल्ली सरकार बढ़ते मामलों से निपटने में सक्षम नहीं साबित हो रही। आपकी सारी व्यवस्था ध्वस्त हो गईं। ये किसी काम की नहीं हैं। ऑक्सीजन की कालाबाजारी, जमाखोरी हो रही और आप कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।”

उच्च न्यायालय ने कहा, “यह गिद्धों की तरह बर्ताव करने का समय नहीं है। अगर आपसे व्यवस्था नहीं संभल पा रही है तो केंद्र को इसकी जिम्मेदारी सौंप दें।” न्यायालय ने ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों का आँकड़ा मांगा है। साथ ही केजरीवाल सरकार को ऑक्सीजन रिफिल करने वालों के लिए निर्देश जारी करने पर भी फटकार लगाई है।

न्यायालय ने उन ऑक्सीजन संयंत्रों को अधिग्रहण करने को कहा है, जो आदेशों के बावजूद सुनवाई में शामिल नहीं हुए। उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई है।

न्यायालय ने अंत में घर में रह रहे कोरोना मरीजों को रेमेडिसविर नहीं देने के सरकार के आदेश को गलत बताया है। न्यायालय ने कहा, “यह मरीज की जान लेने जैसा है। आवश्यक दवा न देकर आप उनकी जान ले रहे हैं।”