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अरविंद केजरीवाल सरकार ने केंद्र से 5,000 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता मांगी

कोविड-19 में लॉकडाउन के बीच हुए राजस्व हानि की वजह से रविवार (31 मई) को अरविंद केजरीवाल सरकार ने केंद्र से 5,000 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता की मांग की।

मुख्यमंत्री ने संकट की इस घड़ी में केंद्र से दिल्ली के लोगों की मदद करने का आग्रह किया क्योंकि उनकी सरकार को लॉकडाउन के कारण राजस्व का बड़ा नुकसान हुआ है। कर्मचारियों को वेतन देना भी मुश्किल हो रहा है।

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट में अनुरोध किया, “केंद्र आपदा की इस घड़ी में दिल्ली के लोगों की मदद करे।” इससे पूर्व, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार को केंद्र से 5,000 करोड़ रुपये की मदद चाहिए। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर आर्थिक मदद की मांग की।

उन्होंने कहा, “हमने दिल्ली सरकार के न्यूनतम खर्चों की समीक्षा की। उसके अनुसार हमें अपने कर्मचारियों को वेतन देने और कार्यालय के अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए हर महीने लगभग 3,500 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। गत दो माह में जीएसटी संग्रह केवल 500 करोड़ रुपये रहा। अन्य स्रोतों के संयोजन के बाद हम 1,735 करोड़ रुपये इकट्ठा करने में सफल रहे लेकिन हमें वास्तव में कम से कम 7,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।”

उन्होंने आगे कहा, “अन्य राज्यों को आपदा राहत कोष से वित्तीय सहायता मिली लेकिन दिल्ली सरकार को अभी तक ऐसी सहायता नहीं मिली। सामान्य वक्त में भी दिल्ली को केंद्र से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिलती है। कोविड-19 की वजह से हम अपने कर्मचारियों वेतन नहीं दे पा रहे।”

मनीष सिसोदिया ने कहा कि लॉकडाउन से देश और दिल्ली की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित किया। आर्थिक मदद से दिल्ली सरकार को नगर निगम को अनुदान जारी करने में सुविधा होगी। यह दूसरी बार है कि दिल्ली सरकार ने कहा है कि उसके कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल है।