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कन्हैया पर राजद्रोह का मुकदमा चलाने में दिल्ली सरकार की देरी, दो माह का समय

आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ 2016 में राजद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली पुलिस को स्वीकृति देने में देरी की। इस पर नई दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस को सरकार से स्वीकृति लेने के लिए दो माह का और वक्त दिया है।

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत का यह फैसला दिल्ली पुलिस द्वारा मामले को आगे ले जाने में असमर्थता जताए जाने के बाद आया। दिल्ली पुलिस को सरकार के गृह विभाग से मामले की स्वीकृति के संबंध में अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मनीष खुराना की अगुवाई वाली अदालत ने मामले में पुलिस उपायुक्त से स्थिति रिपोर्ट माँगी है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।

दिल्ली पुलिस ने 14 जनवरी को मामले में जेएनयू छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में दावा किया था कि इसमें शामिल लोग एक जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे और 9 फरवरी 2016 को जेएनयू परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में देशद्रोही नारों का समर्थन कर रहे थे।